तेरा कर्ज़दार रहूँगा



तेरे एहसानों को गिनने बैठा
तो किसी गणित में इतनी गिनती ना आयी।
तेरे प्यार को तोलने बैठा
तो किसी तराजू में यह सिमट ना पायी।

तेरे दिल को पढ़ने बैठा
तो यह किताबें भी मेरे काम ना आयी।
तेरे में कमी निकालने बैठा
तो मुझे शून्य की अहमियत समझ में आयी।

तेरे आशीर्वाद का तलबगार रहूँगा।
मैं हमेशा तेरा कर्ज़दार रहूँगा।
तेरी बातों को समझने बैठा
तो इसमें कोई गलती मिल ना पायी।

तेरी पूजा करने बैठा
तो भगवान की जरुरत समझ ना आयी।
तेरे से कुछ सीखने बैठा
तो इंसानियत की अहमियत समझ आयी।

तेरे त्यागों को जानने बैठा
तो आँसुओ की बूंदें छलक आयी।
तेरे आशीर्वाद का तलबगार रहूँगा।
मैं हमेशा तेरा कर्ज़दार रहूँगा।
Satya Prakash Sharma

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