विवाह का बंधन



विवाह के बंधन में बंध जाना
आसान नहीं होता है l
काबिल हमसफ़र का मिल जाना
आसान नहीं होता है l

बिटिया को अपने घर से
पराया होना होता है l
लड़के को अपना पूरा घर
उसको सौपना होता है l

पिता अपने जिगर के टुकड़े को
विदा कर रहा होता है l
भाई सारी शैतानियों को बेहद
याद कर रहा होता है l

माँ को बिटिया की खुशी की
चिंता सता रही होती है l
बहन को उसका हर पल का साथ
याद आ रहा होता है l

घर के अंगना को सूना होने का
डर सता रहा होता है l
घर की चौखट को बचपन के
साथी को विदा करना होता है l

विवाह के बंधन में बंध जाना
आसान नहीं होता है l
काबिल हमसफ़र का मिल जाना
आसान नहीं होता है l
Satya Prakash Sharma

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